उज्जैन। कलयुग के श्रवण कुमार के नाम से जाने जाने वाले रौनक गुर्जर धर्म और संस्कृति की ओर अग्रसर हाल ही में नर्मदा परिक्रमा कर लोट श्रवण कुमार ने अब शिप्रा नदी की कई साफ करने का बेड़ा उठाया है और शिप्रा नदी के डेट अखाड़े पर अखंड रामायण चालू कर जब तक सभी घाटों की कई साफ नहीं होगी श्रवण कुमार घर वापस नहीं लौटेंगे ऐसा संकल्प रौनक गुर्जर ने लिया है और आज से घाटों के कई साफ करने का भी कार्य शुरू कर दिया है।
श्रवण कुमार के कार्य से साधु संत भी प्रसन्न… अखाड़े के पीर गुरु महाराज ने किया समर्थन ..दिया आशीर्वाद …
उनके इस कार्य से साधु संत भी काफी प्रसन्न है अखाड़े के पीर गुरु महाराज ने श्रवण कुमार को आशीर्वाद दिया है और इस कार्य की सराहना की और उनके साथ देने की भी बात कही है श्रवण कुमार रौनक गुर्जर का कहना है कि जब तक का हिसाब नहीं होगी मैं घर वापस नहीं लौटूंगा यही नहीं उन्हें शहर वासियों से इस श्रमदान में भाग लेने की अपील की है और कहां है महाशिवरात्रि सेवा करने बड़ी संख्या में यहां पर शहर वासी पधारे और मां की सेवा कर घाटों की कई साफ करें
नर्मदा परिक्रमा कर लोटे तो श्रवण कुमार का फिसल गया था पैर …
जब उनसे इसके पीछे का उद्देश्य पूछा गया तो उनका कहना है कि मैं नर्मदा परिक्रमा कर लौटा तो यहां पर पर मेरा फिसल गया जिससे मैं नदी में गिर गया मैंने अपनी आंखों से कई भक्तों को कई के कारण फिसलते हुए भक्तों को देखा जो फिसल कर नदी में गिरे जिसे कहीं भक्तों को छोटे भी आती है यही नहीं धार्मिक नगरी उज्जैन की छवि भी धूमिल होती है बस इसी के तहत मैं संकल्प लिया कि मैं स्वयं कई साफ करूं और जब तक कई साफ नहीं होगी मैं घर नहीं लौटूंगा अब 24 घंटे श्रवण कुमार रौनक गुर्जर डेट अखाड़े पर मां शिप्रा की सेवा में लगे हैंउज्जैन कलयुग के श्रवण कुमार के नाम से जाने जाने वाले रौनक गुर्जर धर्म और संस्कृति की ओर अग्रसर हाल ही में नर्मदा परिक्रमा कर लोट श्रवण कुमार ने अब शिप्रा नदी की कई साफ करने का बेड़ा उठाया है और शिप्रा नदी के डेट अखाड़े पर अखंड रामायण चालू कर जब तक सभी घाटों की कई साफ नहीं होगी श्रवण कुमार घर वापस नहीं लौटेंगे ऐसा संकल्प रौनक गुर्जर ने लिया है। और आज से घाटों के कई साफ करने का भी कार्य शुरू कर दिया है उनके इस कार्य से साधु संत भी काफी प्रसन्न है अखाड़े के पीर गुरु महाराज ने श्रवण कुमार को आशीर्वाद दिया है और इस कार्य की सराहना की और उनके साथ देने की भी बात कही है श्रवण कुमार रौनक गुर्जर का कहना है कि जब तक का हिसाब नहीं होगी मैं घर वापस नहीं लौटूंगा यही नहीं उन्हें शहर वासियों से इस श्रमदान में भाग लेने की अपील की है और कहां है महाशिवरात्रि सेवा करने बड़ी संख्या में यहां पर शहर वासी पधारे और मां की सेवा कर घाटों की कई साफ करें जब उनसे इसके पीछे का उद्देश्य पूछा गया तो उनका कहना है कि मैं नर्मदा परिक्रमा कर लौटा तो यहां पर पर मेरा फिसल गया जिससे मैं नदी में गिर गया मैंने अपनी आंखों से कई भक्तों को कई के कारण फिसलते हुए भक्तों को देखा जो फिसल कर नदी में गिरे जिसे कहीं भक्तों को छोटे भी आती है यही नहीं धार्मिक नगरी उज्जैन की छवि भी धूमिल होती है बस इसी के तहत मैं संकल्प लिया कि मैं स्वयं कई साफ करूं और जब तक कई साफ नहीं होगी मैं घर नहीं लौटूंगा अब 24 घंटे श्रवण कुमार रौनक गुर्जर डेट अखाड़े पर मां शिप्रा की सेवा में लगे हैं।
इस दौरान दत्त अखाडा पीर जी… राजेश गुरु सुन्दर धाम. धार नाथ जी। .. पप्पू दीक्षित जी। .लाला गुरु नविन गुर्जर सहित बड़ी संख्या में अनुज महाराज मित्र मण्डली.. के सदस्य मोजुद्द थे

