उज्जैन के चकरावदा टोल प्लाजा पर गुंडागर्दी, मारपीट और गनमैन की राइफल छीनने की कोशिश का गंभीर मामला सामने आया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भेरूगढ़ थाना, पुलिस अधीक्षक, और मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को शिकायत दी गई है।
टोल प्लाज़ा कर्मियों पर हमला..गनमैन की राइफल छीनने की कोशिश…
वीओ- पूरा मामला 22 जून दोपहर 12 बजे का है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अंतर्गत संचालित मेसर्स टॉपवर्थ टोलवेज के चकरावदा टोल प्लाजा पर तैनात स्टाफ, जिसमे टोल इंचार्ज रोशन चौधरी, टोल कलेक्टर विकास गुप्ता, और गनमैन बलेंद्र सिंहके साथ मारपीट की गई। शिकायत के अनुसार, एक व्यावसायिक वाहन ने स्थानीय बताकर टोल देने से इनकार किया। स्टाफ ने जब नियमों के तहत टोल मांगा, तो ड्राइवर ने हिमांशु चौधरी नामक व्यक्ति का हवाला दिया। जांच करने पर पता चला कि हिमांशु न तो MPRDC से अधिकृत है और न ही कंपनी का कोई पदाधिकारी। स्टाफ के आग्रह पर जब टोल मांगा गया, तो कुछ ही देर बाद हिमांशु चौधरी खुद एक काली XUV में अपने करीब 34 साथियों के साथ टोल प्लाजा पर पहुंचा, और उसने अपने साथियों के साथ टोल स्टाफ से गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और गनमैन की राइफल छीनने की कोशिश की। साथ ही आरोपियों ने धमकी दी कि भविष्य में अगर हिमांशु चौधरी के नाम पर कोई वाहन रोका, तो स्टाफ की हत्या कर दी जाएगी।स्थानीय दबाव और गुंडागर्दी की ये घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि टोल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर भी बड़ी चिंता पैदा करती है। अब देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी कड़ी और निष्पक्ष कार्रवाई करता है।


