सिखों के द्वितीय गुरु श्री गुरु अंगद देव जी के 521 वे पावन प्रकाश पूरब के अवसर पर आज गुरुद्वारा दूध तलाई में ज्ञानी सोहन सिंह जी बुरहानपुर वालो के द्वारा गुरमत समागम मैं शब्द कीर्तन किया गया l

सिखों के द्वितीय गुरु श्री गुरु अंगद देव जी के 521 वे पावन प्रकाश पूरब के अवसर पर आज गुरुद्वारा दूध तलाई में ज्ञानी सोहन सिंह जी बुरहानपुर वालो के द्वारा गुरमत समागम मैं शब्द कीर्तन किया गया l

उज्जैन।  सिख समाज द्वारा पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा दूध तलाई ,उज्जैन में मोमबत्ती लगाकर श्रद्धांजलि एवं उनकी आत्मिक शांति, विश्व शांति एवं विश्व बंधुत्व हेतु अरदास की गई l

सिखों के नवम गुरु श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी ने कश्मीरी पंडितों एवं हिंदुओं के जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध अपने प्राण निछावर कर दिए l

सिखों ने सदैव हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण भी निछावर कर दिए और सदैव तत्पर रहेगा–इकबाल सिंह गांधी
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गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा दूध तलाई के अध्यक्ष इकबाल सिंह गांधी ने बताया कि सिखों के द्वितीय
गुरु श्री गुरु अंगद देव जी के 521 वे प्रकाश पूरब के अवसर पर आज गुरुद्वारा दूध तलाई में विशेष गुरमत समागम में ज्ञानी सोहन सिंह जी बुरहानपुर वालो के द्वारा शब्द कीर्तन किया गया l

इकबाल सिंह गांधी ने बताया कि उज्जैन के सिख समाज द्वारा पहलगाम में हुए कायराना, आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति सोमवार शाम 7 बजे गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा दूध तलाई ,उज्जैन में मोमबत्ती लगाकर श्रद्धांजलि दी एवं उनकी आत्मा की शांति ,विश्व शांति एवं विश्व बंधुत्व हेतु अरदास की गई l
सिख समाज के संभागीय प्रवक्ता एस.एस.नारंग ने बताया कि तात्कालिक शासको में दूसरे धर्म के प्रति सहनशीलता बिल्कुल नहीं थी यह प्रत्येक कश्मीरी पंडितो एवं अन्य हिंदू भाइयों का जबरन धर्मांतरण करने के लिए हर तरह की कठोरता और जुल्म करने से भी संकोच नहीं करते थे l धर्मांतरण का विरोध करने पर मना करने बालों को बहुत दुख और कष्ट देना शुरू किया कश्मीरी ब्राह्मण वर्ग का एक जत्था पंडित कृपाराम के साथ सिख धर्म के नोवे गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के पास मदद के लिए पहुंचे और उन्होंने गुरु जी को कश्मीरी पंडितों की दुख भरी दास्तान बताइ तो उन्होंने कश्मीरी पंडितों से कहा कि वे वापस कश्मीर लोट जाए तथा गवर्नर को कह दे कि श्री गुरु तेग बहादुर जी उनके नेता है अगर वह धर्म परिवर्तन स्वीकार कर लेंगे तो हम भी धर्मांतरण करवा लेंगे l गवर्नर ने जब तत्कालीन शासक को संदेश भेजा तो उन्होंने तुरंत श्री गुरु तेग बहादर जी की गिरफ्तारी कर ,शारीरिक कष्ट, लालच इत्यादि लेकर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार न होने एवं इसका विरोध करने पर श्री गुरु तेग बहादर जी विरुद्ध जुल्म सहन कर प्राण निछावर कर दिए और शहीद हो गए l सिखों ने सदैव हिंदू धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राण भी निछावर कर दिए और भविष्य में भी सदैव तत्पर रहेगा l इकबाल सिंह गांधी, चरणजीत सिंह कालरा, आत्मा सिंह विग, दलजीत सिंह अरोड़ा, एस.एस.नारंग, राजा कालरा ,सुरजीत सिंह डंग,जसविंदर सिंह ठकराल, गगनदीप सिंह सलूजा ,बंटी सलूजा ,गुरदीप सिंह सलूजा ,जसवंत सिंह मक्कड़ ,सतनाम सिंह गांधी, कवलदीप सिंह ठकराल ने समूह साध संगत को प्रकाश पर्व की बधाई दी गई l

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