देवास। …एक कहावत.. साँत जिसको रस्सी औऱ रस्सी को साँप कैसे बनाते है । ये मध्यप्रदेश पुलिस से बेहतर कोई नही जानता इसका जीता जगता उदहारण है इंदौर 3 के विधायक गोलू शुक्ला के बेटे की करतूपर प्रदेश की पुलिस और प्रशासन व सत्ता की कृपा बरसी है । विधायक पुत्र ने जब थाने में सरेंडर किया उंसके बाद पुलिस ने उन्हें थाने से ही जमानत देदी ।
सत्ता के नशे में चूर था विधायक पुत्र रुद्राक्ष शुक्ला भूल गया कायदे नियम कानून…
देवास मां चामुंडा टेकरी मंदिर में आधी रात जबरन पट खुलवाने और पुजारी से मारपीट के मामले में इंदौर-3 के भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष ने मंगलवार शाम को कोतवाली थाने में सरेंडर कर दिया। बेटे की कारस्तानी से हो रही विधायक की किरकिरी के बीच पुलिस ने रुद्राक्ष समेत 9 पर केस दर्ज किया था। मंगलवार पूरे दिन विधायक शुक्ला के माता टेकरी आने की चर्चा चली, फिर शाम 7.30 बजे रुद्राक्ष कोतवाली थाने पहुंचा और सरेंडर किया टेकरी पर 11-12 अप्रेल को रुद्राक्ष के साथ गए दर्जनभर साथियों में से अनिरुद्ध पंवार, अमन शुक्ला, मनीष तेजवानी, लोकेश चांदवानी व रुद्राक्ष की गाड़ी एमपी 09 डब्ल्यूएल 0009 के ड्राइवर शैलेंद्र कुर्मी ने भी सरेंडर कर दिया। लेकिन पुलिस की ऐसी कृपा रही कि सभी की थाने से ही जमानत हो गई।
पुजारी से मांगी माफी,..हाथ जोड़े-..नाक रगड़ी…हां मैंने गलती की…
जमानत के बाद रात 9 बजे रुद्राक्ष माता टेकरी पहुंचा। मां तुलजा भवानी के सामने हाथ जोड़े-नाक रगड़ी। पुजारी से भी माफी मांगी। बता दें, मामले में पुलिस ने दो केस में रुद्राक्ष शुक्ला, अमन शुक्ला, इंदौर के अनिरुद्ध पंवार, हनी, देवास के जीतू रघुवंशी, सचिन प्रजापति, प्रशांत निबालकर, उज्जैन के लोकेश चांदवानी, मनीष तेजवानी को आरोपी बनाया। शहर कांग्रेस प्रवक्ता व अधिवक्ता चंद्रपाल सोलंकी ने कहा, पुजारी के आवेदन में आरोपियों के नाम थे। मामला तूल पकड़ा तब दो केस दर्ज किए, जबकि एक ही केस में सभी धाराएं लगाई जा सकती थीं। पुलिस ने मामूली धाराओं में केस दर्ज किया, इसलिए जमानत मिली।
कानूनी जानकारों की मानें तो पुलिस ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए पहले मामले को हल्के में लिया। बाद में आरोपियों पर धाराएं बढ़ाईं, लेकिन यह भी मामूली ही रहीं। एक प्रकरण में मारपीट और गाली-गलौज तो दूसरे में माता टेकरी पर वाहनों का काफिला ले जाने और मोटर व्हीकल एक्ट का लगाया। धारा-281, 125 बीएनएस और बत्ती के उपयोग पर मोटर व्हीकल एक्ट में प्रकरण दर्ज किया ।


