विदिशा। वर्तमान दौर में हर दूसरा व्यक्ति साइबर फ्रॉड साइबर थकी का शिकार हो रहा है उससे बचने के लिए शासन प्रशासन सरकार लगातार प्रयास कर रही है पुलिस इस मामले में साइबर सेल के माध्यम से ऐसे तो पर कार्रवाई करने और आम जनता को जागरूक करने में जुटी हुई है विदिशा पुलिस द्वारा साइबर क्लिक के माध्यम से अभियान चलाते हुए लोगों को जागरूक किया गया था।
उसके बाद पुलिस द्वारा मनी बैक अभियान चलाया गया जिसमें ठगी का शिकार हुए लोगों और उनके द्वारा साइबर सेल में की गई शिकायत के बाद फ्रिज हुई ठगी की राशि उन्हें दिलाने का अभियान चलाया जा रहा है आज पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान एसपी रोहित कसवानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे द्वारा करीब 54 मामलों में से 39 मामलों में एक करोड़ 10 लख रुपए की ठगी की राशि हितग्राहियो को वापस करने की प्रक्रिया की गई इस दौरान कुछ हितग्राही भी पुलिस लाइन में मौजूद रहे जिन्होंने राशि वापस मिलने पर पुलिस और साइबर सेल का सम्मान किया.।
गंजबासौदा निवासी देवेंद्र रघुवंशी के साथ एक व्यक्ति में 2023 से पॉलिसी के नाम पर ठगी शुरू की थी दबाव बनाकर वह 38 पॉलिसी करवा चुका था पुलिस ने बताया कि दिल्ली में मौजूद एक शख्स जो अलग-अलग आवाज और अलग-अलग नंबर से देवेंद्र से बात करता और उन्हें नई पॉलिसी लेने के लिए मजबूर करता पॉलिसी में एक बड़ी राशि लगाने के बाद यह कहा जाता है की पुरानी राशि तब मिलेगी जब वह नई पॉलिसी करेंगे करीब 18 पॉलिसी उन्होंने अपने खुद के और परिवार के नाम पर कराई शेष अन्य पॉलिसीयां उन्होंने अज्ञात व्यक्तियों के नाम पर कराई हैं और उसके लिए उन्होंने तकरीबन 59 लख रुपए बाद में पुलिस से की गई शिकायत के बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद रिजवान को दिल्ली से गिरफ्तार किया उनकी राशि भी प्लीज की गई थी जो उन्हें वापस जलाने की प्रक्रिया की जा रही है विदिशा के एक व्यापारिक विजय बंसल के खाते से एक लाख 70 हजार रुपए निकल गए थे जिन्हें समय रहते शिकायत की गई और राशि फ्रिज कराई गई वाराणसी उन्हें 28 दिन के भीतर वापस मिल गई इसी के साथ कैलेंडर निवासी एक शख्स को साइबर ठगी कर ₹9000 दिए गए थे जिनमें से ₹3000 फ्रिज किए गए हैं।


