उज्जैन। भाजपा ने 2023 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मध्य प्रदेश में मोहन यादव को सीएम की कुर्सी सौंपी है। इसके साथ ही शिवराज के राज का दो दशकों के बाद अंत हो गया है। 58 साल के मोहन यादव शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट में उच्च शिक्षा मंत्री थे। यादव ने राजनीतिक करियर की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी। मोहन यादव आरएसएस के बेहद करीबी माने जाते हैं। यादव ने साल 1984 में ABVP उज्जैन के नगर मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। वो साल 1993 से 1995 के बीच आरएसएस उज्जैन शहर के खंड कार्यवाह का पद संभाले। वो राज्य के सबसे बड़े यादव फेस में से एक हैं।
मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। एमपी के नए सीएम मोहन यादव ओबीसी समुदाय से आते हैं। राज्य में ओबीसी की कुल आबादी पचास फीसदी के आसपास है। ऐसे में भाजपा ने यादव को सीएम बनाकर एक बड़ा दांव चला है। सियासी जानकारों का कहना है कि भगवा दल को इसका आगामी लोकसभा चुनाव में फायदा मिल सकता है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले मोहन यादव की छवि एक पढ़े-लिखे नेता के रूप में है। यादव ने बीएससी, एलएलबी, राजनीति विज्ञान में एमए और एमबीए की डिग्री है। मोहन यादव ने पीएचडी भी किया है।


