उज्जैन। हम बात कर रहे हैं उज्जैन के ढांचा भवन स्थित बिलकेश्वर शिव मंदिर की,, यहां पर एक शिव भक्त रोनक गुर्जर ,,जोकी इन दोनों पुरी दुनिया मे श्रवण कुमार के नाम से जाने जाते हैं इस बार रौनक गुर्जर ने सावन माह के पहले दिन याने की आज सोमवार को भोले की भक्ति में शिव लिंग पर अपने खून से अभिषेक किया ,,,मंदिर प्रांगण मे करीब 21 पंडित पुरोहितो द्वारा मंत्रो उच्चार के साथ रक्त अभिषेक किया,,12 बजे से शुरु हुआ यह धार्मिक आयोजन लागतार तीन घनटे तक 3 बजे तक चला जीसमे शिव भक्त रोनक गुर्जर ने 4,30मिनिट तक लागतार अपने रक्त से भगवान शिव जी का अपने रक्त से अभिषेक..
त्रेता युग के 5हजार वर्ष बाद….आज उज्जैन में किया रौनक गुर्जर ने अपने रक्त से शिव का अभिषेक…देखिए वीडियो…
ख़ास बात यह हे की
आज से 5हजार वर्ष पूर्व त्रेता युग मे रावण ने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए रक्त से अभिषेक किया था इसके बाद अब इस युग में पहली बार इस दुनिया में उज्जैन के एक शिव भक्त रौनक गुर्जर ने किया हें,,,
रौनक गुर्जर धर्म से जुड़े कई धार्मिक आयोजन के साथ रोजाना रामायण पाठ करते हैं,,,
शिव भक्त रौनक गुर्जर ने क्या कहा सुनिए ….
पुजारी ने बताई पूजा विधि विधान की पूरी जानकारी सुनिए…..
श्रवण कुमार के नाम से भी जाने जाते रौनक गुर्जर….
यहां बता दे कि आज से सावन महीने की शुरुआत हो चुकी है और सावन के पवित्र महीने में हर कोई भक्त अपने भगवान को अलग-अलग तरीके से प्रसन्न करने की साधना करते हैं ऐसे ही शिवभक्त रौनक गुर्जर ने कुछ समय पहले अपनी माता जी को चरण पादुकाएं पहनी थी बता दे की रौनक गुर्जर पहले अपराध की दुनिया में एक अलग नाम था लेकिन कुछ समय बाद उसको पश्चाताप हुआ और उसने अपराध की दुनिया से दूरी बना ली और वह पूर्ण रूप से धार्मिक प्रवृत्ति में लीन हो गया है कुछ समय पूर्व उन्होंने अपने निवास पर भागवत कथा का आयोजन कराया था इसी दौरान उन्होंने अपने शरीर की चमड़ी से अपनी माता के लिए चरण पादुका बनाकर माता को पहनाई थी इस दौरान जब पत्रकारों ने रौनक गुर्जर से चर्चा की तो उनका कहना है कि वह भी रावण की तरह भगवान शिव के परम भक्त हैं वह सावन के इस महीने पर अपने रक्त से अभिषेक कर भगवान शिव को प्रसन्न कर रहे हैं जिससे विश्व का कल्याण हो वही पुजारी का कहना है कि भगवान शिव को कई प्रकार से प्रसन्न किया जाता है उसी में से इस प्रकार की पूजा भी विधि विधान के द्वारा कराई गई।



