गंजबासौदा की हितकारिणी धर्मशाला में उस वक्त भावुक माहौल बन गया जब 14 साल पहले बिछड़े एक बेटे की अपने पिता से मुलाकात हुई। यह चमत्कार संभव हो सका श्रमदान दल, रेलवे कर्मचारियों और सोशल मीडिया की मदद से।
श्रमदान दल ने सोशल मीडिया पर डाली थी तस्वीर..पिता को लेने पश्चिम बंगाल से गंजबासौदा आया बेटा…
दरअसल पश्चिम बंगाल के रहने वाले सोमनाथ मंडल मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और 14 वर्ष पूर्व अपने घर से लापता हो गए थे। कुछ दिन पहले वे गंजबासौदा के सौराई रेलवे स्टेशन के आसपास घूमते देखे गए। वहां मौजूद रेलवे कर्मचारी प्रणब मांझी ने श्रमदान दल के साथ मिलकर उनकी फोटो सोशल मीडिया पर साझा की। जहां सोशल मीडिया की ताकत एक बार फिर सामने आई और यह तस्वीर उनके परिवार तक पश्चिम बंगाल में पहुंच गई। इसके बाद उनका बेटा राहुल मंडल अपने परिजनों के साथ गंजबासौदा पहुंचा और अपने पिता को जीवित देखकर भावुक हो गया। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम भूमिका निभाई प्रणब मांझी ने, जो खुद पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और गंजबासौदा रेलवे स्टेशन पर कार्यरत हैं। वहीं सोमनाथ मंडल अब अपने परिवार के साथ वापस पश्चिम बंगाल लौट गए हैं।


