इंदौर। नगर निगम परिसर में बजट सत्र के दौरान नमाज पढ़ने का एक मामला सामने आया है, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई है। खबर है कि नगर निगम परिसर के एक कमरे में बिना पूर्व अनुमति के नमाज पढ़ी गई, जिसके बाद कई सवाल उठ रहे हैं, जिस पर महापौर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
महापौर पुष्य मित्र भार्गव ने दी प्रतिक्रिया…बोले- बिना अनुमति के इस प्रकार का कार्य उचित नहीं
दरअसल नगर निगम सभापति ने इस पर स्पष्टता दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी नगर निगम परिसर में नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस विषय पर संबंधित अधिकारी से बात की, तो उन्होंने भी पुष्टि की कि कोई अनुमति नहीं दी गई थी। वहीं मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अगर नमाज पढ़नी थी, तो इसे नगर निगम परिसर के बाहर, उपयुक्त स्थान पर पढ़ा जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि यह काम अनुमति लेकर और सुव्यवस्थित ढंग से किया जाना चाहिए था, क्योंकि बिना अनुमति के इस प्रकार का कार्य उचित नहीं है, आगे इस इस चीज का विशेष ध्यान दिया जायेगा कि परिसर में वही काम हो जिसके लिए परिसर है। इसके साथ ही महापौर ने बताया कि बजट सत्र के दौरान करीब 9 घंटे तक सभी पार्षदों ने अपने विचार रखे और सार्थक चर्चा की। इस दौरान पूरी सदन की लाइव रिकॉर्डिंग भी की गई थी।
इंदौर से अजय मालवीय की रिपोर्ट

